जीवन से बिछुड़ा श्याम
यह मेरी एक सात-आठ वर्ष पुरानी कविता है जो पहले भी इस ब्लॉग पर प्रकाशित हुई थी ... यादों के कुछ टुकड़े खूंटी से लटके कपड़े कोने में रखे मटके और भाग्य के झटके... बीता अभी बचपन उम्र लगे पचपन टूटा हुआ तन-मन और बर्तन करें ठनठन... ज्ञान की बड़ी-बड़ी बातें भूख...
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knkayastha
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[27 Dec 2009 05:14 AM]



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