एक बिहारी... "मिड लाइफ क्राइसिस" एक अनोखी दास्तान
मुझे कोइ अजूबा ना समझे तो मै कुछ अर्ज करना चाहता हूँ. वैसे भी इस चिट्ठे का थीम ही कुछ ऐसा है कि लोग सहसा अजूबा नहीँ समझेँ. गोया साहित्य मे एक नया विधा डालने की पूर-जोर कोशिश जो है. वैसे भी मै पैदायशी बिहारी हूँ, जो हमेशा ही कुछ हँट कर करते हैँ. समय ब...
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आदि यायावर
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[27 Dec 2009 03:19 AM]



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