बाद तुम्हारे विदा होकर

ठहाका कुछ यादे अनकही ही रह गयी जीवन मे -दोस्तो मै आपको यह बताना चाहूंगा कि यह रचना हमारे काँलेज के दिनों मे लिखी गयी थी) बाद तुम्हारे विदा होकर चले जाने के नही रह पाउंगा दुखी नही होऊँगा घडी घडी उदास और भी बहुत कुछ है जिसे पाया जा सकता है या इसी तरह की जा स... [पूरी पोस्ट]
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[27 Dec 2009 00:15 AM]

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