क्या क्या करना पड़ता है

Jogeshwar Garg क्या क्या करना पड़ता है इक फ़र्ज़ निभाने की खातिर  काँटों को सहना होगा कुछ फूल सजाने की खातिर  ऊंची सी दीवार खींच दो बंटवारा करने वालों  पतली गली छोड़ कर रखना आने जाने की खातिर  दाने दाने पर दाता ने नाम लिखा है फिर भी क्यों ... [पूरी पोस्ट]
writer jogeshwar garg

ghazal

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[26 Dec 2009 13:53 PM]

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