उसकी मुक़द्दस मोहब्बत !

मेरी कलम - मेरी अभिव्यक्ति दूर तक उड़ते हुए गर्म हवा के बवंडर हुआ करते और धूप वहाँ अपनी रूमानियत नहीं फैलाती थी। याद थी जो हर वक़्त उसके अक्स से लिपटी रहती । उन यादों को साथ ले अपनी चौखट पर खड़ी हो वो दूर तक तलाशती उस चेरे को । उन सभी पलों में इंतज़ार की लम्बी घड़ियाँ हुआ करती,... [पूरी पोस्ट]
writer अनिल कान्त :
views
61
upvote
7
downvote
0
rating
7
comments
18
[26 Dec 2009 05:20 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix