बस्तर पर तीन कविताएँ

अस्तित्व जनमानस उद्वेलित है पहले सरकार, गैर सरकारी संस्थाएँ, साहूकार उनके विकास के लिये कृत संकल्पित थे अब उन्हें नक्सलियों के छॉंव तले विकास करना है बाप पहले के साथ है बेटा नक्सलियों के साथ और मॉं बेटी सलवाजूडूम केम्प में । अब तो उन्हे भी पता चल चुका है विका... [पूरी पोस्ट]
writer सुरेश पण्डा
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[26 Dec 2009 03:45 AM]

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