झूमता आया है नया वर्ष फिर

अनुभूति कलश सभी प्रिय मित्रों को बड़े दिन और नववर्ष-२०१० की हार्दिक शुभकामनाएँ) हँसता, हुलसता, झूमता आया है नया वर्ष फिर, जीवन में खुशियाँ भरने को आया है नया वर्ष फिर। हर घर के देहरी-द्वार पर जगमगाते दीप ऐसे, जमीं पे उतर आए हों नभ के सभी सितारे जैसे, चन्दा औ चाँ... [पूरी पोस्ट]
writer ramadwivedi
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[26 Dec 2009 02:15 AM]

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