हिंसक समर

Blue Monk's Social Attire हिंसक समर आंसू मैं बहाते हुए निकला, कब्रिस्तान के अँधेरे से, जहन दफ़न किया जा रहा है मिलकर, मनुष्यता को निर्मम बनकर, जानते हुए भी कि कुछ न बचेगा, आने वाली पीढ़ियों के लिए, जन्म लेने में भी जिनके भाग्य को छोड़ कर, लगाया जा रहा है सुरुचि का हिसाब, हिंसक ह... [पूरी पोस्ट]
writer Blue Monk
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[25 Dec 2009 05:18 AM]

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