सब मानने की बात है
हमारी शक्तियों का हमें ज्ञान नहीं है.हम मामूली चाल से चलते और आलस्य भरे दिमाग से विचार करते है ।इस अधूरे प्रयास और थके हुए संकल्प के कारण हम जो कुछ हो सकते है ,वह नहीं हो पाते।बहुत से विद्यार्थी मामूली खेल कूद ,सस्ती नेतागिरी ,फिल्म-एक्टिग तथा फैशन क...
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radhasaxena
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[24 Dec 2009 01:03 AM]



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