संत कबीर के दोहे-मन के चोर को मारना कठिन (man ka chor-hindu dharm sandesh)
अपने अपने चोर को, सब कोय डारै मार मेरा चोर मुझको मिलै, सरबस डारूं वार संत शिरोमणि कबीरदास जी कहते हैं कि संसार के सब तो अपने अपने चोर को मार डालते हैं, परंतु मेरा चोर तो मन है। वह अगर मुझे मिल जाये तो मैं उस पर सर्वस्व न्यौछावर कर दूंगा। सुर नर मुनि...
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दीपक भारतदीप
आध्यात्म
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[24 Dec 2009 00:20 AM]



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