बहुत दिन भए
एकाद दिन पहले; कई दिनों के बद लवलीजी से चैट हो रही थी। अचानक लवलीजी ने कहा आपको पंकज बैंगानीजी और गुड़िया (डॉ गरिमा) खोज रहे हैं। लवलीजी ने पंकजभाई के ब्लॉग की उस पोस्ट का लिंक बताया जिसमें मेरे सहित कुछ और ब्लॉगर के गुमशुदा होने की खबर प्रकाशित हुई थ...
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सागर नाहर
सामान्य
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[23 Dec 2009 22:25 PM]



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