रंगीले गाँधी पर सपाट प्रतिक्रिया
ब्रह्मचार्य के गाँधीजी के प्रयोग एक बकवास से ज्यादा कुछ नहीं थे. अच्छा होता कस्तुर “बा” को “बा” यानी माता न बना कर स्वस्थ सहशयन करते तो एक आदर्श पति का उदाहरण भी बनते....
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संजय बेंगाणी
लोकाचारजानकारीपुस्तकप्रयोगगाँधीनग्नता
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[23 Dec 2009 08:04 AM]



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