कविता लिखनी हो तो खुशी की लिख
कविता लिखनी हो तो खुशी की लिख, इनको बीती यादों मे ना डुबोया कर, बहुत कुछ है आज में लिखने के लिए, इस आज की खुबसूरती को शब्दों में पिरोया कर, घर से बाहर निकल, देख गली मे कितनी चेहल पेहल है, हर चेहरे की एक अलग कहानी, उस कहानी के रंगीन किरदारों की मुस्का...
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Gurnam Singh Sodhi
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[23 Dec 2009 06:54 AM]



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