नए चेहरों के साथ कितना बदल पाएगा भाजपा का चाल और चरित्र
अंततः लालकृष्ण आडवाणी युग का अंत भारतीय जनता पार्टी से हो ही गया। आडवाणी अब से भाजपा के लिए कुछ नहीं हैं; ठीक अटल बिहारी वाजपेई की तरह। पार्टी के भीतर-बाहर अब लालकृष्ण आडवाणी का नाम कम ही सुना-बोला जाएगा। दरअसल, यह समय की निर्ममता है कि वो किसी व्यक्...
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अंशुमाली रस्तोगी
राजनीति
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[23 Dec 2009 00:27 AM]



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