पूँजी माँ ऊँ चा

आजकल आशाओं की आबादी खुशियों की दुनिया नैना साहिनी, जेसिका लाल और अब आरूषि के दर्दनाक अंत से कौन नहीं दहल गया। जाहिरा शेख आज एक नजीर बन गयी है। इसके बावजूद भी महिलाओं के प्रति पुरुषोचित दमन खत्म होने का नाम नहीं लेता। यह हमारे ही समाज का एक पहलू है। आज महि... [पूरी पोस्ट]
writer विनय जायसवाल
views
15
upvote
0
downvote
0
rating
0
comments
0
[22 Dec 2009 23:47 PM]

Free Vedic Astrology From Astrobix