कवि कोकिल विद्यापति(तीसरी कड़ी )

Kohbar कवि कोकिल विद्यापति " कहा जाता है कि महा कवि विद्यापति की भक्ति एवं पद की माधुर्य से प्रसन्न हो " त्रिभुवन धारी शंकर " उनके यहाँ उगना ( नौकर ) के रूप में उनकी सेवा की। विद्यापति को उगना जंगल में मिला था और उस दिन से वह विद्यापति की चाकरी करने लगा। एक... [पूरी पोस्ट]
writer Kusum Thakur
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[22 Dec 2009 20:44 PM]

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