वान गॉग इसे उठाकर रोप देता है अपने कैनवस पर
हालीना पोस्वियातोव्सका की बहुत सी कविताओं के अनुवाद आप पहले भी पढ़ चुके हैं। आज एक खास कविता, इसमें पोलैंड की इस महान कवयित्री का जीवन और निजी अनुभव संसार तो है ही महान चित्रकार विन्सेन्ट वान गॉग का एक चित्र * भी अपनी पूरी भव्यता व दिव्यता के साथ चमक...
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sidheshwer
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[22 Dec 2009 12:26 PM]



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