मुझे पाती लिखना सिखला दो...

अखिलं मधुरम् मुझे पाती लिखना सिखला दो हे प्रभु नयनों के पानी से । बतला दो कैसे शुरू करुंगा किसकी राम कहानी से ।। घोलूँगा कौन रंग की स्याही, किस टहनी की बने कलम है कौन कला जिससे पिघला, करते हो लीलामय प्रियतम, हे प्रभु तुम प्रकट हुआ करते हो, किस मनभावनि वाणी से- मु... [पूरी पोस्ट]
writer हिमांशु । Himanshu
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[21 Dec 2009 21:20 PM]

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