मध्य वर्गक सपना
श्री सतीश चन्द्र झा भीजि क’ आयल छलहुँ हम आँखि मे किछु स्वप्न धेने। मोन के पौती मे भरि क’ स्नेह के संदेश रखने। किछु कहब हम बात अप्पन किछु अहाँ सँ आइ पूछब। फेर हम निष्प्राण भ’ क’ बाँहि मे विश्राम खोजब। कवि- श्री सतीश चन्द्र झा , व्याख्याता, दर्शन शास्त...
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सम्पादक: कतेक रास बात
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[21 Dec 2009 13:51 PM]



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