इन्तजार है

मनोरमा कहना कठिन हुआ कि मुझे तुमसे प्यार है न कहा, नहीं खबर ही मगर इन्तजार है शाखों से लिपटी बेल को देखा जो ख्वाब में क्या ख्वाब पूरे होंगे ये दिल बेकरार है हालात दिल का समझा आँखों में डूबकर दुनिया समझ न पायी क्या अख्तियार है? टकराना पर्वतों से या इश्क हो क... [पूरी पोस्ट]
writer श्यामल सुमन
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[21 Dec 2009 11:21 AM]

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