नव वर्ष

गीत सुनहरे नव सृजन, नव हर्ष की, कामना उत्कर्ष की, सत्य का संकल्प ले प्रात है नव वर्ष की . कल्पना साकर कर, नम्रता आधार कर, भोर नव, नव रश्मियां शक्ति का संचार कर . ज्ञान का सम्मान कर, आचरण निर्माण कर, प्रेम का प्रतिदान दे मनुज का सत्कार कर . त्याग कर संघर्ष का, आ... [पूरी पोस्ट]
writer Kavi Kulwant

नव वर्ष

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[21 Dec 2009 06:22 AM]

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