Ismat Zaidi "Shefa kajgaonvi
ग़ज़ल ____________________ क्या कहूं कि क्या बयां पहले हुआ कुछ यहाँ और कुछ वहां पहले हुआ मैं ने यकजहती की इक कोशिश ही की मेरा साथी बदगुमां पहले हुआ थी सई जज़्बात पर क़ाबू रहे पर वो आँखों से रवां पहले हुआ दुश्मनों से क्या शिकायत हो अगर दोस्...
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इस्मत ज़ैदी
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[21 Dec 2009 02:38 AM]



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