दायित्व

पंजाबी लघुकथा डा. बलदेव सिंह खहिरा “देख बापू! मुझे आए महीना भर हो गया। सभी रिश्तेदारों से पूछ लिया है, कोई भी आप दोनों को रखने के लिए तैयार नहीं। इस वृद्धावस्था में मैं आपको अकेले इस कोठी में नहीं छोड़ सकता। आप अपना लुक आफ्टर कर ही नहीं सकते।” माता-पिता को खामोश द... [पूरी पोस्ट]
writer दीपशिखा
views
21
upvote
1
downvote
0
rating
1
comments
2
[20 Dec 2009 21:04 PM]

Free Vedic Astrology From Astrobix