निरंजन तिवारी के बहाने बिहार को समझने का मौंका मिला
बिहार की आठ करोड़ आवादी निरंजन की तरह सुबह जगने से लेकर रात के सोने तक भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई लड़ रहा हैं।लेकिन सत्ता संरक्षित भ्रष्टाचार की जड़े इतनी मजबूत हैं कि कोई इसके भेदने का साहस नही जुटा पा रही हैं,।स्थिति यह हैं कि अधिकांश मामलों में लोग...
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संतोष कुमार सिंह
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[20 Dec 2009 02:24 AM]



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