5-मुखौटा

सहज साहित्य(SAHAJ SAHITYA) मुखौटा रामेश्वर काम्बोज ' हिमांशु '     नेताजी को चुनाव लड़ना था। जनता पर उनका अच्छा प्रभाव न था। इसके लिए वे मुखौटा बेचने वाले की दूकान में गए। दूकानदार ने भालू , शेर , भेडिए , साधू – संन्यासी के मुखौटे उसके चेहरे पर लगाकर देखे। कोई भ... [पूरी पोस्ट]
writer सहज साहित्य
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[19 Dec 2009 12:30 PM]

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