4-दूसरा सरोवर

सहज साहित्य(SAHAJ SAHITYA) रामेश्वर काम्बोज ' हिमांशु ' एक गाँव था। उसी के पास में था स्वच्छ जल का एक सरोवर। गाँववाले उसी सरोवर का पानी पीते थे। किसी को कोई कष्ट नहीं था। सब खुशहाल थे। एक बार उजले-उजले कपड़े पहनकर एक आदमी गाँव में आया। उसने सब लोगों को मुखिया की चौपाल में इकट्... [पूरी पोस्ट]
writer सहज साहित्य
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[19 Dec 2009 12:30 PM]

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