एक और हजार का फर्क

एक और हजार का फर्क डा. वेदप्रताप वैदिक भारत में गरीब होने का अर्थ जैसा है, वैसा शायद दुनिया में कहीं नही है| भारत में जिसकी आय 20 रू. से कम है, सिर्फ वही गरीब है| बाकी सब ? यदि सरकार और हमारे अर्थशास्त्रियों की मानें तो बाकी सब अमीर हैं| 25 रू. रोज़... [पूरी पोस्ट]
writer कविता वाचक्नवी Kavita Vachaknavee
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[18 Dec 2009 18:20 PM]

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