तलवार से भी तेज धार, सरपत........घुघूती बासूती
मुम्बई आए हुए महीने बीत गए थे। बस केवल अनीता जी से मिलना हुआ था। मुम्बई आने से पहले ही अभय तिवारी व प्रमोद सिंह से बात हुई थी। सोचा था कि यहाँ आने पर मिलना भी हो जाएगा। किन्तु कभी वे लोग व्यस्त तो कभी मैं व्यस्त रही। आखिर उनके आने का कार्यक्रम ५ दिसम...
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Mired Mirage
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[18 Dec 2009 13:27 PM]



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