varsha
स्कूटर के छोटे पहियों पर आज़ादी की ऊंची उड़ान वो भी क्या दिन थे। हालांकि हर वक़्त, हर उम्र का, अपना मज़ा होता है, पर फिर भी स्कूटर के पहियों पर सवार होकर मानो मेरे पंख उग आए हों, ज़िंदगी की उड़ान भरने का वो सफ़र अब तक के अपने जीवन में मुझे सबसे ज्याद...
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वर्षा
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[18 Dec 2009 06:22 AM]



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