तूफ़ान को पहचानने में इतने असमर्थ
श्री प्रियरँजन जी राँची से हैं, और पेशे से पत्रकार हैं । वह उदयकेशरी जी के ब्लाग सीधी बात ( Dare to say truth ) पर यदा कदा पोस्ट भी देते रहते हैं । जून 2008 में उनकी एक पोस्ट रिंगटोन का बाज़ार और संस्कृति एक साथ कई प्रश्न उठाती है । किंवा किसी पाठक क...
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डा. अमर कुमार
साथियों की कलम
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[14 Aug 2009 01:03 AM]



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