फुल्ली फालतू चैनल का कवर स्टोरी: घासी राम की भैँस
सबसे पहले - श्री राजशेखर रेड्डी हमारे बीच न रहे । यहाँ कोई भी शरीर स्थायी परमिट लेकर नहीं आता है, तो उसके न रहने का शोक क्यों ? जिस तरह से उनको विदा होना पड़ा, वह वाकई दुःखद है । किसी भी राजनैतिक पार्टी के पर्ति कोई विशेष प्रतिबद्धता न रखते हुय...
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डा. अमर कुमार
साथियों की कलम
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[03 Sep 2009 14:38 PM]



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