रखा क्या है अहंकार में....!!

अभिव्यक्ति बदलने लगी हूँ ...... तेरे प्यार में!! खोने लगी हूँ ...... तेरी राह में!! सब से अलग हूँ ...... मैं संसार में!! जब से जुड़ी हूँ ...... तेरे साथ में!! संभालने लगी हूँ ...... मझधार में!! बस गया बस तू ही तू ...... मेरी हर सांस में!! आता मजा है ...... अब त... [पूरी पोस्ट]
writer gargi gupta
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[17 Dec 2009 05:15 AM]

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