९१ कोजी होम

भंगार अपने देश जाने का सुख बड़ा कमाल का होता है रात कब बीत गयी पता ही नही चला ,सुबह जल्दी ही उठ गया ,अपनी अटैची में समान रखा । सी का दिया हुआ .....पैकेट एक बार जी किया ...देख लूँ .....पर सी का दिया हुआ वादायाद आया की हिदुस्तान जा कर ही खोलना ....वैसे ही रख... [पूरी पोस्ट]
writer भंगार
views
24
upvote
1
downvote
0
rating
1
comments
0
[17 Dec 2009 04:34 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix