कहां गई शहनाज हुसैन?
लगभग तीन-चार साल पहले दुर्गा पूजा के समय पंडाल में घूमते हुए अचानक एक सुरीली आवाज सुनकर कदम ठिठक से गए थे। शेरावाली मां का भजन लाउडस्पीकर से बज रहा था-छुम छुम छननन बाजे, मैया पांव पैंजनिया...। एक हस्की सी वायस थी और यह भजन जहां-जहां गए, सभी पंडालों म...
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घन्नू झारखंडी
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[17 Dec 2009 03:07 AM]



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