बाज़ार , जाम , कविता.. और ब्लाग कविता जैसी कोई चीज है क्या ?
अपने गाँव से कस्बे तक पहुँच कर बाज़ार को पार करना और कार्यस्थल तक पहुँचना व वहाँ से वापसी ट्रैफिक जाम की वजह से दिनोंदिन एक दुखदायी काम होता जा रहा है। आज से कुछ साल पहले तक इस जगह ऐसा नहीं होता था। लोगबाग कहते हैं अपना कस्बा अब शहर होता जा रहा है , द...
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sidheshwer
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[16 Dec 2009 12:16 PM]



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