मिट्टी में मिल जाने के बाद

गीत-ग़ज़ल रँग लाती है हिना , पत्थर पे पिस जाने के बाद खुशबू आती है यहाँ , वजूद मिट जाने के बाद फूलों से पूछो सोये कितना काँटों पर , डाल पर आने के बाद भूल जायेगी चुभन भी , समय बदल जाने के बाद ऐ मेरे दिल क्या पायेगा तन्हाई में , अपनों से बिछड़ जाने के बाद फिर से... [पूरी पोस्ट]
writer शारदा अरोरा
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[16 Dec 2009 02:39 AM]

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