काश मिले मंदिर में अल्लाह मस्जिद में भगवान मिले.
अल्लाह के लिए न तुम भगवान के लिए लड़ना है तो लड़ो सदा इन्सान के लिए हर धर्म है महान हर मज़हब में बड़प्पन लेकिन नहीं है अर्थ कुछ शैतान के लिए अपना ये घर संवारो मगर ध्यान तुम रखो हम वक्त कुछ निकालें इस जहान के लिए * सुबह मोहब्बत शाम महब्बत अपना तो है काम म...
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शहरोज़
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[15 Dec 2009 05:55 AM]



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