अम्‍मा पुछदी

अनूप सेठी मोहित चौहान का एक मनमोहक पहाड़ी गीत अम्‍मा पुछदी कबाड़खाना पर रखा गया था. उसमें कुछ पाठ भेद हो रहा था. गीत मां बेटी के बीच संवाद है. मां पूछती है कि धीए तू इतनी बड़ी कैसे हो गई. बेटी कहती है कि पारली तरफ मोर बोलते हैं जिन्‍होंने नींद उड़ा दी है. मोर... [पूरी पोस्ट]
writer anup
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[15 Dec 2009 05:31 AM]

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