कबीर के श्लोक - १
कबीर मेरी सिमरनी, रसना ऊपर रामु॥आदि जुगादी सगल भगत,ता को सुखु बिस्रामु॥१॥कबीर जी कहते है कि मेरी सिमरनी अर्थात मेरी माला तो मेरी जीभ है जिस पर में राम नाम का जाप जपता हूँ। ऐसा सिर्फ मैं ही कर रहा हूँ यह बात नही है आदि से परमात्मा का सिमरन प्रभु भगत इ...
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परमजीत बाली
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[14 Dec 2009 15:23 PM]



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