दरारें
दरारें पहले रिश्तों में कुछ दरारें रहती थीं अब दरारों में रिश्ते रहते हैं पहले दरारों को हम सीते थे आज उन्हीं दरारों में हम जीते हैं कभी ये रिश्ते धरोहर की तरह संजोये जाते थे आज सिर्फ दिखाने को ढोए जाते हैं कभी ये रिश्ते चाशनी से मीठे आज के रिश्ते ख़...
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[13 Dec 2009 07:08 AM]



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