छोड़िए छोड़िए सारे शिकवे गिले.

डॉ.सुभाष भदौरिया.अहमदाबाद. ग़ज़ल अपनी नज़रों से यूँ ना गिरा दीजिए. दूसरी जी में आये सज़ा दीजिए. छोड़िए छोड़िए सारे शिकवे-गिले, हो सके तो ज़रा मुस्करा दीजिए. पास हैं आज तो आप उखड़े हुए, दूर जायें तो फिर ना सदा दीजिए. थम न जायें कहीं आशिकी में कदम, थोड़ा थोड़ा सही हौसला दीजिए. म... [पूरी पोस्ट]
writer डॉ.सुभाष भदौरिया.
views
22
upvote
1
downvote
0
rating
1
comments
6
[13 Dec 2009 05:50 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix