हिन्दू धर्म संदेश-पेट में पचे वही खाना खायें (pet men pache vahi khana khayen-hindu dharm sandesh)

दीपक भारतदीप की हिंदी एक्सप्रेस पत्रिका भक्ष्योत्तमप्रतिच्छन्नं मत्स्यो वङिशमायसम्। लोभाभिपाती ग्रसते नानुबन्धमवेक्षते।। यच्छक्यं ग्रसितुं ग्रस्यं ग्रस्तं परिणमेच्च यत्। हितं च परिणामे यत् तदाद्यं भतिमिच्छता।। हिंदी में भावार्थ -मछली कांटे से लगे चारे को लोभ में पकड़ कर अपने अंदर ले जाती है... [पूरी पोस्ट]
writer दीपक भारतदीप

आध्यात्म

views
11
upvote
1
downvote
0
rating
1
comments
0
[13 Dec 2009 01:14 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix