कितना बचा, कितना बदला मेरा गांव
हमने कभी बस नहीं देखी थी। गांव में शादी-ब्याह होता था तो टेक्टर से बारात आती-जाती थी। एक दिन पापा के साथ गांव से शहर गया तो वहां बस देखी। उस समय कक्षा तीन में पढ़ रहा था। गांव से बस चलनी शुरू हुई। बस का नाम गरीब नवाज था। सड़कें इतनी खराब थी कि बस कुछ द...
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EDHAR HAI
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[12 Dec 2009 07:56 AM]



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