तस्वीर हमारी वो चुपके चुपके से निहारा करते हैं.

डॉ.सुभाष भदौरिया.अहमदाबाद. ग़ज़ल राहों में अगर जो मिल जायें झट से वो किनारा करते हैं. तस्वीर हमारी वो चुपके चुपके से निहारा करते हैं. ये बात नहीं वो समझेंगे, ये बात कहां वो मानेंगे, हम ख़्वाब में उठ उठ के अक्सर उनको ही पुकारा करते हैं. ठंडी ठंडी रातों की चुभन उस पे ये ग़जब की... [पूरी पोस्ट]
writer डॉ.सुभाष भदौरिया.
views
31
upvote
4
downvote
0
rating
4
comments
9
[12 Dec 2009 07:18 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix