टिप्पणी कीजिये खूब कोई शरारत ना कीजिये - ग़ज़ल

यादों का इन्द्रजाल... Hindi Poetry by Sulabh जैसा की आप सभी जानते हैं पिछले एक महीने से अपने प्यारे ब्लॉगजगत में कुछ उलजलूल हरकतें और अनावश्यक बहसे हुई हैं. दुखी होकर मैंने एक Post जारी किया था "शान्ति के लिए यह सन्देश आत्मसात करें " बहुतों ने इसकी सराहना की तो कुछ ने असहमति जताते हुए अपना पक्ष... [पूरी पोस्ट]
writer सुलभ सतरंगी
views
41
upvote
6
downvote
0
rating
6
comments
14
[11 Dec 2009 00:31 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix