फोन नंबर से जली उंगलियाँ
मेरे एक मित्र मिलने आये, फोन माँगा और मेरी तरफ देखते ही देखते उन्होंने नंबर डायल कर दिया, गोया ज़नाब की उँगलियों में आँखे हों. बस तभी सूझीं ये पंक्तियाँ :- कुछ फोन नंबर थे इस कदर इश्कियां जिन्हें याद रखती थी हमारी उँगलियाँ जिनको डायल करके मिलती थी दु...
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WindEnergyMan
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[09 Dec 2009 21:22 PM]



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