जाड़े के दिन
देखो आये जाड़े के दिन आलू भरे पराठों के दिन धूप गुनगुनी मन ललचाए गिल्ली डंडा हाकी के दिन। देखो आए----------------। स्वेटर कोट रजाई के दिन भुनती आलू घुंघरी के दिन सुबह शाम सन्नाटा छाए दिन भर सैर सपाटे के दिन। देखो आये------------------। तपनी हुक्का बिर...
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creativekona
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[09 Dec 2009 13:20 PM]



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