कल तो थी उँगली पकड़े
९ दिस म्बर , बेटी का जन्मदिन तेरी आँखों से देखे सपने तेरी नजरों से देखी दुनिया कल तक तो थी पकड़े उँगली आज सपनों के पँख उधार दिये बचपन के दिन तो यूँ गुजरे हँसते रोते , मेरी मुनिया दस्तक जो दी इस यौवन ने फूलों की डाल निहाल हुई सँग तेरे गुजरे गलियों से...
[पूरी पोस्ट]
शारदा अरोरा
30
3
0
3
3
[09 Dec 2009 08:43 AM]



Shuffle








