जीता भी जा चुका इसे हारा भी जा चुका

ख्वाब का दर वसुधा के ताज़ा अंक में उर्दू के मशहूर शायर शहरयार द्वारा चुनी गईं कुछ पाकिस्‍तानी कविताएं प्रकाशित हुई हैं। यहां पेश है मेरे मित्र काशिफ़ हुसैन ग़ायर की दो ग़ज़लें। वे पाकिस्तान के जाने-माने शायर हैं और भारत के प्रति उनके मन में गहरा सम्मान है। एक वो... [पूरी पोस्ट]
writer Pankaj Parashar
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[09 Dec 2009 08:22 AM]

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