नंदनी महाजन जी का हिन्दी ब्लॉग जगत को अलविदा कहना हिन्दी ब्लॉग जगत के हित में नहीं
मैं यह पोस्ट ना ही तो ज्यादा ट्रैफिक पाने के लिए लिख रहा हूँ और ना ही ज्यादा टिप्पणियों की खातिर। आज जब मैंने नंदनी महाजन जी का ब्लॉग जख्म परेशां है चुप्पी से... देखा तो मुझे बहुत दुःख हुआ यह जानकर कि नंदनी महाजन जी ने हिन्दी ब्लॉग जगत को अलविदा कहते...
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अनिल कान्त :
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[09 Dec 2009 07:09 AM]



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